International Journal of Technology and Applied Science
E-ISSN: 2230-9004
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Volume 17 Issue 8
August 2026
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प्लास्टिक प्रदूषण और बहुलक रसायन: क्या विज्ञान अपशिष्ट संकट का समाधान कर सकता है?
| Author(s) | Dr. Sarika Sharma |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | प्लास्टिक प्रदूषण 21वीं सदी की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक बन चुका है, जिसका प्रमुख कारण बहुलक पदार्थों का व्यापक उपयोग, निम्न पुनर्चक्रण दर, तथा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों की सीमाएँ हैं। पारंपरिक प्लास्टिक, जैसे पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन, पॉलीस्टाइरीन और पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट, दीर्घकालिक स्थायित्व के कारण पर्यावरण में संचयित होते हैं तथा सूक्ष्मप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक के रूप में पारिस्थितिक तंत्रों और खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर जाते हैं। यह लेख प्लास्टिक प्रदूषण की रासायनिक प्रकृति, बहुलक संरचना और उनके अपघटन व्यवहार के बीच संबंधों की समीक्षा करता है। विशेष रूप से, यांत्रिक और रासायनिक पुनर्चक्रण, जैवअपघटनीय बहुलकों, एंज़ाइम-आधारित अपघटन, तथा परिपत्र अर्थव्यवस्था (circular economy) आधारित रणनीतियों की वैज्ञानिक प्रगति का विश्लेषण किया गया है। लेख यह तर्क प्रस्तुत करता है कि बहुलक रसायन में नवाचार, टिकाऊ सामग्री-डिज़ाइन, और नीति-समर्थित तकनीकी हस्तक्षेप मिलकर प्लास्टिक अपशिष्ट संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। तथापि, प्रभावी परिणामों के लिए विज्ञान, उद्योग, शासन और उपभोक्ता व्यवहार के बीच समन्वित परिवर्तन आवश्यक होगा। |
| Field | Chemistry |
| Published In | Volume 12, Issue 9, September 2021 |
| Published On | 2021-09-07 |
| DOI | https://doi.org/10.71097/IJTAS.v12.i9.1249 |
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