International Journal of Technology and Applied Science

E-ISSN: 2230-9004     Impact Factor: 9.914

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हिंदी कहानी सहित्य में साम्प्रदायिकता की त्रासदी

Author(s) Dr. S. Suryavathi
Country India
Abstract भारतीय समाज बहुधार्मिक एवं की बहुसांस्कृतिक संरचना ने साहित्य को गहराई से प्रभावित किया है। विशेषतः औपनिवेशिक काल, स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन की त्रासदी तथा उत्तर-आधुनिक युग में उत्पन्न साम्प्रदायिक तनावों ने हिंदी कहानी को सामाजिक यथार्थ के साथ जोड़ा। यह शोध-पत्र हिंदी कहानी साहित्य में साम्प्रदायिक की अवधारणा, उसके ऐतिहासिक विकास, सामाजिक संदर्भ तथा प्रमुख कथाकारों के साहित्य में उसकी अभिव्यक्ति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। भारतीय समाज की बहुधार्मिक एवं बहुसांस्कृतिक संरचना ने साहित्य को गहराई से प्रभावित की। भीष्म साहनी, यशपाल, कमलेश्वर, अब्दुल बिस्मिल्लाह तथा समकालीन कथाकारों की कहानियों का विश्लेषण किया गया है। शोध का निष्कर्ष यह है कि हिंदी कहानी साहित्य मानवता, न्याय, सहिष्णुता एवं गंगा-जमुनी संस्कृति को साम्प्रदायिक विभाजन से ऊपर स्थापित करता है।
Keywords साम्प्रदायिकता, शरणार्थी, सद्भावना, विभाजन, मानवता, सहिष्णुता
Published In Volume 17, Issue 4, April 2026
Published On 2026-04-08
Cite This हिंदी कहानी सहित्य में साम्प्रदायिकता की त्रासदी - Dr. S. Suryavathi - IJTAS Volume 17, Issue 4, April 2026.

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